10 Jan
0

जात-पात के नाम पर राजनीतिक दलों ने बांटा समाज : शरद त्रिवेदी

                      नई दिल्ली। विकसित भारत की संरचना लिए समाज को मजहबी और जातीय बंधनों से मुक्त होना होगा. २१वीं सदी की चुनौतियों को स्वीकारते हुए दलित और पिछड़े समाज को ...