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वर्तमान मतदान प्रकिया के दौरान प्रायः 40 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग नही कर पाते. क्योंकि इनमें से अधिकतर मतदाता रोज़ी-रोटी के चक्कर में अपने मूल स्थान से किसी अन्य प्रदेश में मज़दूरी, नौकरी, व्यापार करते हैं. उस प्रदेश में वे लोग किराये पर रहते हैं. मकान मालिक की इच्छा के आभाव में उस प्रदेश में उनका मतदाता सूचि में नाम नही चढ़ पाता जिसके चलते वे अपने मताधिकार का प्रयोग नही कर पाते और इसीलिए 20 प्रतिशत  मत लेने वाला नेता चुनाव जीत जाता है. यह लोकतंत्र के साथ एक अन्याय की तरह है. इस कम मतदान की समस्या के मद्देनज़र जरूरत है कि चुनाव आयोग 100% मतदान कराने के लिए ई-वोटिंग सिस्टम लागू करें. साथ ही चुनाव आयोग को चाहिए कि वो एक सिस्टम  तैयार करे जिसमें मतदाता का संपूर्ण ब्योरा दर्ज हो जो आधार कार्ड के साथ जोड़ दिया जाय. फिर बायोमेटिक वोटिंग कराएं. इनके अलावा मतदान बढ़ाने के और भी उपाय हो सकते हैं जैसे मतदान के प्रति जनजागरूकता लाना आदि. आवश्यकता है तो बस ये कि इस दिशा में गंभीरतापूर्वक ध्यान दिया जाय.